चलो न मानव अकड़-अकड़ के

चलो न मानव अकड़-अकड़ के

चलो न मानव अकड़-अकड़ के चलो न मानव अकड़-अकड़ के,थोड़ी तेरी उमर है। रूप का मान,धन अभिमान, मन में अहं भरी...