गुरु विरजानन्द

कर स्वामी दयानन्द को, तैयार विरजानन्द ने।

कर स्वामी दयानन्द को, तैयार विरजानन्द ने। कर स्वामी दयानन्द को,तैयार विरजानन्द ने।किया है सारे विश्व पर,उपकार विरजानन्द ने।। अन्दर के चक्षु...
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विरजानन्द महर्षि गुणों का, सारे मिलकर करते गान। विरजानन्द महर्षि गुणों का,सारे मिलकर करते गान।ज्ञानचक्षु महात्मा का,हम करते श्रद्धापूर्वक मान।। गायत्री के...