कोई कोई जाने रे।

तेरा “सत् चित् आनन्द” रूप,कोई कोई जाने रे।

तेरा "सत् चित् आनन्द" रूप, कोई कोई जाने रे। तेरा "सत् चित् आनन्द" रूप,कोई कोई जाने रे।मन वाणी का तू है...