किसे पता है

जीवन बीत रहा पल-पल में, किसे पता है, कौन जगे ना

वैराग्य जीवन बीत रहा पल-पल में।किसे पता है, कौन जगे ना,आने वाले कल में।। महाकाल विकराल खड़ा है,अपना फंदा डाल खड़ा है।कौन...