कितना भी डालियगा हजरत नकाब को।।

कितना भी डालियगा हजरत नकाब को।।

कितना भी डालियगा हजरत नकाब को।। कितना भी डालियगाहजरत नकाब को।।चेहरा बता ही देगादिल की किताब को।। भीतर की सब हकीकतआंखें...