कामानामुपभोगेन

न जातु कामः कामानामुपभोगेन शाम्यति

अनुष्टुप् छन्दः  न जातु कामः कामानामुपभोगेन शाम्यति।हविषा कृष्णवर्त्मेव भूय एवाभिवर्धते।। भावार्थ- विषय-वासनाएं विषयों को भोगने से नष्ट नहीं होतीं, बल्कि और अधिक...
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