कर्म धर्म भूल गया आज का इन्सान है।

कर्म धर्म भूल गया आज का इन्सान है।

कर्म धर्म भूल गया आज का इन्सान है। कर्म धर्म भूल गयाआज का इन्सान है।तभी तो दुखों का सिर परभयानक तूफान...