कर्मों की खेती बन्दे

कर्मों की खेती बन्दे, खुद ही तू काटेगा।

शिक्षा कर्मों की खेती बन्दे,खुद ही तू काटेगा।सुख-दुःख तेरे कोई,और नहीं बांटेगा।। बचपन खोया तून,खेल और कूद में।मस्त जवानी बीती,वो भी तेरी...