कदर न जानी नर-तन की

कदर न जानी नर-तन की

कदर न जानी नर-तन की कदर न जानी नर-तन की,लगन लगी मन विषयन की। तूं आशा शुभकर्म किया कर,दुखियों के फटे दिल...