ओ३म् अनेक बार बोल प्रेम के प्रयोगी।

ओ३म् अनेक बार बोल प्रेम के प्रयोगी।

ओ३म् अनेक बार बोल प्रेम के प्रयोगी। ओ३म् अनेक बार बोल प्रेम के प्रयोगी।है यही अनादि नाद,निर्विकल्प निर्विवाद ।भूलते न पूज्यपादवीतराग...