ऋतुराज वसन्त विराज रहा

ऋतुराज वसन्त विराज रहा

ऋतुराज वसन्त विराज रहा ऋतुराज वसन्त विराज रहा,मनभावन है छवि छाज रहा।बन-बागन में कुसुमावलि की,सुखदा सुषमा वह साज रहा ॥ यव गेहुँ...