इंसान भटकते देखे हैं।

बिन आत्मज्ञान के दुनियाँ में, इंसान भटकते देखे हैं।

बिन आत्मज्ञान के दुनियाँ में, इंसान भटकते देखे हैं। बिन आत्मज्ञान के दुनियाँ में,इंसान भटकते देखे हैं।आम बशर की बात ही...