आर्य समाज वैदिक भजन

परमपिता परमेश्वर तूने

परमपिता परमेश्वर तूने परमपिता परमेश्वर तूने,किस भाँति सन्सार रचा,स्वयं विधाता निराकार,तूने जग कैसे साकार रचापरमपिता ऽऽऽऽऽऽऽ तारों से भरा नभ का आँगन,चन्दा...
जो भी बन जाए जीवन मेंसच्चा योगीउसकी भक्ति भी ईश्वर कीसच्ची ही होगीमन-बुद्धि भी जुड़ जाएचिन्मय प्रभु सेपरागति भी फिर...