आर्य समाज भजन
ज़िन्दगी में पाप की ना कोई भी कमायी कर।
तर्ज - सुविधानुसार
ज़िन्दगी में पाप की ना,कोई भी कमायी कर।मन में...
मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ।
तर्ज - मैं कहीं कवि ना बन जाऊँ
मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ।तेरा नाम हे...
संभल-संभल के चल रे बन्दे
तर्ज - देख तेरे संसार की हालत…….
संभल-संभल के चल रे बन्दे,राह में बिछे हैं शूल।उड़ रही...
क्यूँ पीता है, बोतल तू
तर्ज - चल सन्यासी मन्दिर में
क्यूँ पीता है, बोतल तू -3छोड़ दे इसका पीना...
ना बहन किसी की है कोई
तर्ज - दिल लूटने वाले जादूगर…….
ना बहन किसी की है कोई,ना किसी का कोई...
तर्ज -तुम अगर साथ देने का वादा करो….
छल फरेबी से जीवन,बिताया अगर,ज़िन्दगी ये समझ ले रे,बेकार है। पाप दिल...
आयी थी जिसकी बारात,की विदा प्रीतम के साथ।
तर्ज - वक्त से दिन और रात…….
(कल जहाँ बसती थी खुशियाँ,आज है...
मेरी अखियों से दूर, चली होके मजबूर
तर्ज - तेरी दुनियाँ से दूर……
दहेज की आग में एक देवी जलायी गयी,...
प्रभु कहाँ छुपा है
तर्ज - ओ रात के मुसाफिर, चन्दा……
प्रभु कहाँ छुपा है,इतना काई बता दो।उसका कहाँ मकां है,इतना...
माँ कली हूँ तेरे गुलशन की
तर्ज - 1-तेरी याद में जलकर देख……
माँ के गर्भ में बच्या पल रहा है...
श्मशान की राहों में हमनें
श्मशान की राहों में हमनें
श्मशान की राहों में हमनें,चलती एक दिन अर्थी देखी।बनकर जो आयी थी...
अरे किसने चिता में ये,मेरी बेटी जला दी है।
तर्ज - मुझे तेरी मोहब्बत का…..
श्मशान भूमि में जिन्दा जली बेटी की...











