आज समर्पण का दर्पण तो टूट के चकनाचूर हुआ।

आज समर्पण का दर्पण तो टूट के चकनाचूर हुआ।

आज समर्पण का दर्पण तो टूट के चकनाचूर हुआ। आज समर्पण का दर्पण तोटूट के चकनाचूर हुआ।इसीलिए तो आज कामानव मानवता...