आज अगर खामोश रहे तो कल सन्नाटा छायेगा।

आज अगर खामोश रहे तो कल सन्नाटा छायेगा।

आज अगर खामोश रहे तो कल सन्नाटा छायेगा। आज अगर खामोश रहे तोकल सन्नाटा छायेगा।आग लगे जब हर बस्तीमें याद दयानन्द...