अरे माटी के पुतले

अरे माटी के पुतले, न इतरा के चल

अरे माटी के पुतले, न इतरा के चल अरे माटी के पुतलेन इतरा के चलतेरा जीवन का कोई भरोसा नहींबूँद पानी...