अधर्म

धर्म को उठाने वाला अधर्म को ढानेवाला

दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी बोल-बाला धर्म को उठाने वाला अधर्म को ढानेवाला।आंधी को उड़ानेवाला ज्ञान का उजाला तू॥ आप ही के आप वस्त्रालंकारें...
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