स्वामी श्रद्धानंद वैदिक गुरुकुल आश्रम का संक्षिप्त विवरण

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स्थापना और प्रेरणा
स्वामी श्रद्धानन्द वैदिक गुरुकुल आश्रम (मां नर्मदा यज्ञपीठ) की स्थापना 26 फरवरी 2023 को आचार्य धरिन्द्र पाण्डेय जी और सेवाभावी श्री चम्मूलाल झारिया जी के अथक परिश्रम और संकल्प से हुई। गुरुकुल की नींव में सबसे बड़ा योगदान भूमि दानदाता श्री चम्मूलाल झारिया जी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती तुलसीबाई जी का है, जिन्होंने अपने परिश्रम से अर्जित 3 एकड़ भूमि वेद विद्या के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित कर दी।

स्थान और वातावरण
यह गुरुकुल मध्यप्रदेश के जिला डिंडोरी के ग्राम देवरी कला, बिछिया में, मां नर्मदा के पावन तट और हरे-भरे पर्वतों की उपत्यका में स्थित है। चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ वायु और शांत वातावरण छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आदर्श है।

उद्देश्य
गुरुकुल का प्रमुख ध्येय ब्रह्मचारी छात्रों को भारतीय संस्कृति, वैदिक विज्ञान और राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करना है। यहां परंपरागत आर्ष शिक्षा पद्धति के साथ आधुनिक विषयों का भी अध्ययन कराया जाता है, जिससे छात्र वेदों में पारंगत होने के साथ-साथ गणित, विज्ञान, अंग्रेज़ी और कंप्यूटर ज्ञान में भी निपुण हों।
गुरुकुल का संकल्प है –

  • समाज से अंधविश्वास और कुरीतियों का उन्मूलन
  • योग, प्राणायाम और आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ समाज की स्थापना
  • यज्ञ और वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण
  • गोपालन और गोसंवर्धन का प्रोत्साहन
  • वेद वेदांग, दर्शनशास्त्र, उपनिषद और संस्कृत व्याकरण में विशेषज्ञ वैदिक विद्वानों का निर्माण

शिक्षा व्यवस्था
गुरुकुल महर्षि पतंजली संस्कृत बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। यहाँ कक्षा प्रथमा (षष्ठी के समकक्ष) से लेकर उत्तरमध्यमा (द्वादशी के समकक्ष) तक की शिक्षा दी जाती है। शिक्षा और आवास पूरी तरह निःशुल्क हैं, केवल भोजन के मासिक खर्च में प्रतीकात्मक सहयोग (₹500) लिया जाता है।

विशेषताएँ

  • अनुभवी, योगी और तपस्वी आचार्यों द्वारा शिक्षण
  • प्राकृतिक वातावरण में शिक्षा
  • अनुशासनबद्ध और तपोमय दिनचर्या – प्रातः 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक
  • सभी छात्रों के लिए समान भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा
  • समय-समय पर वैदिक विद्वानों के प्रेरणादायी प्रवचन

आपका योगदान
गुरुकुल को सेवा देने के कई माध्यम हैं –

  • अपने बच्चों को यहाँ प्रवेश दिलाना
  • एक छात्र के भोजन का व्यय वहन करना
  • भवन निर्माण, पुस्तकें, वस्त्र और क्रीड़ा सामग्री प्रदान करना
  • गाय और चारे का दान
  • अध्यापक का मानदेय वहन करना
  • यज्ञ सामग्री उपलब्ध कराना
  • दान राशि करमुक्त (धारा 80G के अंतर्गत)

बैंक विवरण
नाम: वैदिक आर्य शिक्षा समिति
खाता संख्या: 940310210000011
बैंक: बैंक ऑफ इंडिया
IFSC कोड: BKID0009403

संपर्क
आचार्य धरिन्द्र पाण्डेय – अध्यक्ष
मो.: 9424640442

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