सुनिये रे भाई मेरे

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सुनिये रे भाई मेरे

सुनिये रे भाई मेरे,
जो हो कोई याद तेरे,
जिसमें हो वीरताई गाना वह गा।
जिसको हमीर ने गाया,
सांगा रणधीर ने गाया,
दुश्मन की करी सफाई गाना वह गा।।1।।

जिसको प्रताप ने सुन के,
दुश्मन मारे चुन-चुन के,
लाशों पै लाश चढ़ाई,
गाना वह गा।।2।।

जिसको शिवाजी ताना,
गाते थे यहां रोजाना,
सुनती थी जननी माई गाना वह गा।।3।।

जिसको गाकर के नलवा,
दुश्मन को दिखा गये जलवा,
काबुल में लाश बिछाई,
गाना वह गा।।4।।

जिसको सुन तांत्या टोपे,
दुश्मन के ऊपर कोपे,
लहू की नदी बहाई,
गाना वह गा।।5।।

जिसको झांसी की रानी,
गाकर हो गई मरदानी,
भारत की लाज बचाई,
गाना वह गा।।6।।

जिसको भगतसिंह शेखर,
गा गये मस्ती में भर-भर,
भारत के वीर सिपाही गाना वह गा।।7।।

जिसको प्रेमी ने गाकर,
वीरों में जोश जगाकर,
दुश्मन पर जीत कराई गाना वह गा।।8।।