सुन मेरी कामनाओं देखो जी हद से दूर ना जाना
स्वर- सुन मेरे साजना
सुन मेरी कामनाओं देखो
जी हद से दूर ना जाना
सुन मेरी कामनाओ
कुटुंब भुखा ना सो जाये
ना याचक लोटकर जायेगा
सबूरी ही मेरा धन हो मिले
जो बॉटके खाना सुन मेरी
कामनाओं घमण्डो की हवा
पागल उडा ले जाये ना ऑचल
सूखो के फल को पाकर के
वृक्षकी भाँति झुक जाना
सुन मेरी कामनाओं
रहूँ घर में चाहे वन में पाप
आये ना पर मन में जहाँ
मिलती हो रुसवाई उन
गलियों में ना जाना
सुन मेरी कामनाओं










