स्टेशन के शहीद

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सत्याग्रहियों की रिहाई

२८ दिसम्बर ५७ को जेल से वन्दी सत्याग्रहियों को छोड़ने का आदेश हुआ। किन्तु जेल के अधिकारी सभी जेलों में से सत्याग्रहियों को बिना किराया दिये धक्के देकर निकाल रहे थे। इस से बहुत सो जेलों में झगड़े भी हुये। जैसे रोहतक अम्बाला आदि स्थानों पर।

अम्बाला जेल का प्रसंग

इसी प्रकार जब अम्बाला जेल में भी किराया नहीं दिया गया तो सत्याग्रही जेल में ही रुके रहे। जब किराया मिला तो १ जनवरी ५८ को अपने घरों को रेल द्वारा लौट रहे थे तो अम्बाला छावनी के निकट ही मोड़ी स्टेशन पर रेल दुर्घटना हुई।

रेल दुर्घटना और वीरगति

उसमें बहुत से व्यक्ति बुरी प्रकार जख्मी हुए। किसी का हाथ टूटा किसी का पैर और सत्याग्रही वीर वहीं घटना स्थल पर ही वीरगति को प्राप्त हुये।

शहीद सत्याग्रही

१. श्री कृपाल राम जी, लुधियाना
२. श्री नेतराम जी अम्वा, ग्वालियर
३. श्री पावनदास जी, आर्यसमाज केसरगंज अजमेर (राजस्थान)
४. श्री केलाशचन्द्र जी, मुरार छावनी ग्वालियर
५. श्री दर्शनलाल जी (निवास स्थान अज्ञात)
६. श्री अमरसिंह जी, आर्य राजपुरा बहन तहसील जीन्द
७. श्री स्वर्ण सिंह जी, आर्य गुलकनी जि० तहसील जोन्द

घायल सत्याग्रही

ये प्रायः सभी युवक थे। श्री चौ० रामस्वरूप जी आर्य मोखरा का एक पेर कट गया।