शहीदों ने वतन की इक नई तस्वीर बनाई है

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शहीदों ने वतन की इक नई तस्वीर बनाई है
वतन की मिट्टी में खुशबू ही खुशबू तब से आई है ॥
आजादी जो मिली हमको शहिदों की विरासत है
जो दे दी जाँ वतन को जिन्दगानी की वो लागत है
हर हिन्दुस्तान का बेटा शहीदों का करजाई है ॥ शहीदों ने ॥

भगत सुखदेव जैसे सैकड़ों कई और वीरों ने
खुशी से दे दिया जीवन वतन के वीर शेरों ने
कहाँ मरते हैं ऐसे नौजवाँ कहाँ उनकी विदाई है? ॥ शहीदों ने ॥

जवाहर देश के थे और रतन गाँधी के जैसे थे
बहादुर लाल माँ के थे और चन्द्र सुभाष जैसे थे
ये झाँसी की ही रानी आँधी बन गोरों पे छाई थी ॥ शहीदों ने ॥

विठ्ठल वल्लभ के जैसे लोह पुरुष जन्मे भारत में थे
दयानन्द जैसे योगी भी समाज के सुधारक थे
लहर ठंडी विवेकानन्द परमहंस ने लाई थी ॥ शहीदों ने ॥

शिवाजी वीर थे, शत्रु की नींदे तक उड़ाई थी
वतन की माटी को अपने ही माथे से लगाई थी
अमन के वास्ते ही तो वतन की ये लड़ाई थी ॥ शहीदों ने ॥

ना सिक्ख था कोई हिन्दु ना कोई मुसल्मा था
सभी को मिलके हिन्दुस्ता का मुस्तकबिल बदलना था
फिरंगीयों के दाँतों में शिकस्तों की खटाई थी ॥ शहीदों ने ॥

अमर हो तुम शहीदो ओर तुम्हारी ये कहानी भी
वतन के बच्चे बच्चे को कहानी है सुनानी भी
वतन की जिम्मेदारी इन शहिदों ने सिखाई है ॥ शहीदों ने ॥