वैदिक आत्मज्ञान की धारा – “बृहती ब्रह्ममेधा” का आरम्भ 5 मई से: गुजरात

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गांबृहती ब्रह्ममेधा का अध्यापन — आत्मज्ञान की दिशा में एक आध्यात्मिक यात्रा**

गांधीनगर (गुजरात), 05 मई 2025
परमपिता परमेश्वर की महती कृपा से, वैदिक विद्वान आचार्य रमेश आर्य जी के सानिध्य में ‘बृहती ब्रह्ममेधा’ ग्रन्थ का Online अध्यापन आगामी 05 मई 2025 (सोमवार) से प्रारंभ होने जा रहा है। यह अध्यापन प्रतिदिन सोमवार से शनिवार, दोपहर 2 से 3 बजे तक आयोजित होगा।

यह दिव्य ज्ञान उस प्राचीन गुरु-शिष्य परम्परा का जीवंत उदाहरण है, जो आदि सृष्टि से चली आ रही है। यह विद्या आत्मज्ञान एवं ब्रह्मज्ञान पर आधारित है, जिसे पूज्य स्वामी सत्यपति परिव्राजक जी ने अपने जीवन के 50-60 वर्षों तक प्रायोगिक एवं क्रियात्मक रूप में अपनाया और उच्च योग्यता से युक्त आचार्यों को उपदेशित किया।

इस गूढ़ विद्या को पूज्य स्वामी ब्रह्मविदानन्द सरस्वती जी ने ‘बृहती ब्रह्ममेधा’ ग्रन्थ के रूप में संकलित किया। आचार्य रमेश आर्य जी, जो वर्षों से पूज्य स्वामी ब्रह्मविदानन्द जी के सान्निध्य में अध्ययन, सेवा और साधना में संलग्न हैं, अब इस विद्या का ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कराएंगे।

ग्रंथ के प्रमुख विषय

  • एकाग्रता
  • परोपकारिता
  • आस्तिकता
  • मानव जीवन की आदर्शता
  • क्रियात्मक योगाभ्यास
  • योगाभ्यासी का कर्तव्य
  • आत्मनिरीक्षण
  • ईश्वर प्रणिधान
  • विवेक-वैराग्य
  • सुसंस्कार स्थापना आदि।

यह कक्षा केवल ज्ञान का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि जीवन रूपांतरण का अवसर है। जो साधक अपने जीवन को आध्यात्मिक मार्ग पर ले जाना चाहते हैं, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है।

कक्षा में जुड़ने के लिए संपर्क करें
📞 WhatsApp: 9537649082
📞 कार्यालय: +91 9409615011
📍 स्थान: दर्शन योग धाम, संस्कृति वन, केनाल रोड, लाकरोड़ा, ता. माणसा, जिला गांधीनगर-382835 (गुजरात)


नोट: स्थान पर उपस्थित होने की बाध्यता नहीं है। इच्छुक साधक ऑनलाइन जुड़ सकते हैं।

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👈🎵🎶

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