सनातन धर्म की रक्षा के लिए ऋग्वेद की ऋचाओं से एवं गायत्री मंत्रो के द्वारा “शारद दुर्लभ यज्ञ”

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सनातन धर्म की रक्षा के लिए ऋग्वेद की ऋचाओं से एवं गायत्री मंत्रो के द्वारा

“शारद दुर्लभ यज्ञ”

दिनांक बृहस्पतिवार 3 अक्टूबर 2024 से बुद्धवार 9 अक्टूबर 2024 तक

निमंत्रण पत्र

यह यज्ञ दिन रात 7 दिन निरंतर चलता रहेगा। यह यज्ञ क्षेत्र वासियों व मित्रगणों के सहयोग से हो रहा है।

शुभारम्भ : दिनांक बृहस्पतिवार 3 अक्टूबर 2024

दीप प्रज्वलन : प्रातः बजे श्री शिवकुमार त्यागी जी (मंडोला) के द्वारा

अग्नि प्रज्वलन : साधक सतेन्द्र भगत जी के द्वारा

यज्ञ के बृह्मा :- स्वामी विवेकानन्द सरस्वती जी ( कुलाधिपति गुरुकुल प्रभात आश्रम, मेरठ )

विशेष आशीर्वादः- स्वामी कर्मवीर जी महाराज (अध्यक्ष, महर्षि पतञ्जलि अन्तराष्ट्रीय योग संस्थान)

अध्यक्ष :- श्री महेन्द्र आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष राजार्य सभा)

संयोजक :- साधक सतेन्द्र भगत जी (टीला)

स्थान :- आर्य समाज मन्दिर, टीला

सहसंयोजक :- ओमी प्रधान, सुनील ठेकेदार, सतनाम ठेकेदार, मुकेश आर्य, वेदप्रकाश आर्य, राकेश परोपकारी, प्रधानाचार्य निरंजन कुमार, देवेन्द्र आर्य, मोनू मावी, नवीन मावी, राजीव भाटी, राजेन्द्र पथिक, प्रवीन मावी, अरविन्द आर्य

“वि ये दषुः शरदं मासमाद हर्यज्ञमक्तु चाट्टचम् ।

अनाप्यं वरूणो मित्रो अर्यमा क्षत्रं राजान आशत ।।

अर्थ :-

“जो विद्वान् शरद मास के प्रारम्भिक दिन रात के यज्ञ को

ऋग्वेद की ऋचाओं से भले प्रकार करते है, वह इस

दुर्लभ यज्ञ को करके सबसे पूजनीय, सर्व प्रिय न्यायशील

तथा दीप्तिमान होकर क्षात्र धर्म को लाभ करते है।

प्रतिदिन यज्ञ कार्यक्रम

दिनांक बृहस्पतिवार 3 अक्टूबर से मंगलवार 8 अक्टूबर प्रतिदिन

प्रथम सत्र – प्रात 09:00 बजे से 11:00 यज्ञ, 11:00 से 12:00 भजन व प्रवचन

द्वितीय सत्र – मध्यान 12:00 बजे से 02:00 यज्ञ, 02:00 से 03:00 भजन व प्रवचन

तृतीय सत्र – मध्यान 03:00 बजे से 05:00 यज्ञ, 05:00 से 06:00 भजन व प्रवचन

चतुर्थ सत्र – सायं 06:00 बजे से 08:00 यज्ञ, 08:00 से 09:00 भजन व प्रवचन

पंचम सत्र – रात्रि 09:00 बजे से 12:00 यज्ञ

षष्ठम् सत्र – रात्रि 12:00 बजे से 03:00 यज्ञ

सप्तम् सत्र – प्रभात 03:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे से 06:00 यज्ञ 09:00 यज्ञ

अष्ठम् सत्र – प्रात 06:00 बजे से 09:00 यज्ञ

समापनः

बुद्धवार दिनांक 9 अक्टूबर 2024

पूर्ण आहूति प्रातः 10 बजे, भजन व उपदेश प्रातः 10:00 बजे से 12:00 तक

आशीर्वाद 12:00 बजे से 1:00 बजे तक, शान्तिपाठ 1:00 बजे, भोजन 1:30 बजे

यज्ञ की व्यवस्था :- आनन्द आर्य, गुरुकुल पूठ

विशेष प्रार्थना

इस महायज्ञ मे सभी आर्यजन भद्रपूरुष, धर्मप्रेमी, प्रभुप्रेमी, सज्जन महानुभाव, श्रद्धा व वन्दन के योग्य पूजनीय माताऐं व बहनें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें तथा परिवार सहित यजमान बनने का हमारा विनम्र आग्रह स्वीकार करें।

नोट – जय प्रकाश आर्य (जावली) व अरविन्द आर्य (मंत्री टीला आर्य समाज) द्वारा 13 अक्टूबर (दिन रविवार) 9:00 बजे प्रातः आर्य समाज मन्दिर टीला में सभी दान दाताओं को सारे हिसाब-किताब की जानकारी दी जायेगी।

किसी भी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव के लिए श्री महेन्द्र आर्य व वेदप्रकाश आर्य से सम्पर्क करें।

सम्पर्क सूत्र :- 9811415453, 9910526667

संरक्षक

श्री मुन्शी त्रिलोक चन्द जी (वि)

मा० शोभाराम जी (ला)

श्री टीकम मुखिया जी (सीती)

श्री राजपाल नत्यी जी (थीला)

श्री टेकन सरपंच जी (वीला)

चौधरी जय सिंह जी (टीला)

डॉ० टेकचन्द जी (दौला)

चौधरी अनूप प्रधान जी (करायल कागार)

श्री रामेश्वर सरपंच जी (सुनपत)

श्री राजपाल प्रधान जी (वैता)

श्री हरकेश आर्य जी (ठेला)

श्री रामचन्द्र आर्य जी (दीला)

भजनोपदेशक – पं० अजय आर्य मेरठ, महाशय जगमाल

वेदपाठी – गुरुकुल पूठ के ब्रह्मचारी

विद्वान – स्वामी सत्यवेश जी, आचार्य सत्यव्रत अजमेर, आचार्य विश्वामित्र (हिण्डोन सिटी) देवमुनी वानप्रस्थी पल्ला, देवमुनी वानप्रस्थी खैला, मा० ज्ञानेन्द्र आर्य (इकला)

गिरिष मुनि, आचार्य शिवपुजन, पूरण मुनि खेडली गुरूकुल, रविदत्त शास्त्री (भदौली)