श्रावणी उपाकर्म (रक्षाबंधन) – श्रावणी पूर्णिमा
विक्रम संवत 2082
दिनांक – 09 अगस्त 2025 (शनिवार)
आदरणीय भाइयों एवं बहनों,
सादर वंदन।
आपको यह सूचित करते हुए हार्दिक हर्ष हो रहा है कि मातृ मंदिर कन्या गुरुकुल, वाराणसी में रक्षाबन्धन के पावन अवसर पर “सामवेद पारायण यज्ञ” का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर गुरुकुल की छात्राएँ भारतीय संस्कृति की गौरवमयी परम्परा का पालन करते हुए आप सभी को स्नेह-सूत्र (राखी) प्रेषित कर रही हैं।
आपसे निवेदन है कि इस राखी को स्नेहपूर्वक स्वीकार करें और कन्याओं को अपना शुभाशीर्वाद प्रदान करें।
वेद सन्देश
शिवाः न सख्या सन्तु भात्रा (ऋग्वेद 4.10.8)
अर्थ – भाइयों की मित्रता सदा कल्याणकारी होती है।
राखी का स्नेह संदेश
नन्हीं कलाइयों से आई राखी,
स्नेह-शुभकामना साथ में लाई।
धागे में बँधा है अपनापन प्यारा,
हर संकट में रखे रक्षा हमारा।।
भइया तुम रहो सदा मुस्कुराते,
सपनों की ऊँचाइयों तक जाते।
हम भेज रहे हैं प्रेम भरा उपहार,
राखी संग आशीष अपार।।
आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी वेदों के स्वाध्याय का संकल्प लें, और मातृ मंदिर की बहनों का रक्षासूत्र स्वीकार कर उनके प्रेम, आशीर्वाद एवं संस्कारों को अपने जीवन में धारण करें।
परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं स्नेहपूर्ण नमस्ते।
मातृ मंदिर कन्या गुरुकुल
डी-45/129, नई बस्ती, रामापुरा, वाराणसी – 221010
📞 संपर्क सूत्र – 9450150961, 9838359413
📧 Email – matrimandir.vns@gmail.com
सहयोग हेतु / For Donation
Union Bank of India, Luxa Road, Ramapura, Varanasi
A/C Name – Matri Mandir Kanya Gurukul
A/C No. – 062010011016458
IFSC Code – UBIN0806200
विशेष
- सामवेद पारायण यज्ञ
- मुख्य अधिष्ठात्री – कुल कन्याएँ एवं आचार्या डॉ. गायत्री आर्या
- अथर्ववेद (विज्ञान) पर आधारित विचार-प्रसार
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