✨ ऐतिहासिक स्वर्णिम पल ✨
📍 राजघाट (नरौरा), बुलन्दशहर | 22 फरवरी 2025, शनिवार
भारतवर्ष के महान समाज सुधारक, वेदों के प्रकांड विद्वान और आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती की पावन तपस्थली पर एक भव्य शिलान्यास समारोह का आयोजन होने जा रहा है। 🙏✨ यह ऐतिहासिक अवसर 22 फरवरी 2025, शनिवार को प्रातः 10 बजे संपन्न होगा, जिसमें अनेक विद्वान, संतजन, आर्य समाज के अनुयायी एवं श्रद्धालु सहभागी होंगे। 🌿📖
🔆 महर्षि दयानन्द सरस्वती: एक युगप्रवर्तक संत 🔆
महर्षि दयानन्द सरस्वती ने अपने जीवन को वेद प्रचार एवं समाज सुधार के लिए समर्पित किया। ✨ उन्होंने अंधविश्वास, रूढ़ियों और कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाकर सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका महान ग्रंथ ‘सत्यार्थ प्रकाश’ 📜 भारतीय समाज को सुधारने एवं वैदिक ज्ञान के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
🏞️ राजघाट (नरौरा) स्थित यह तपस्थली, जहाँ महर्षि ने अनेक वर्षों तक वैदिक साधना की, आज भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। इसी दिव्य स्थल पर एक भव्य शिलान्यास का आयोजन हो रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को वैदिक परंपरा का संदेश देगा। 🔆
🏗️ शिलान्यास समारोह: एक ऐतिहासिक क्षण
इस महान आयोजन में आर्य समाज के पदाधिकारी, गुरुकुलों के आचार्यगण एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति भाग लेंगे। 🌸 यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और वेद प्रचार के लिए एक नया अध्याय जोड़ेगा।
📞 सम्पर्क सूत्र एवं आयोजन स्थल
समारोह में भाग लेने के इच्छुक श्रद्धालु निम्नलिखित संपर्क सूत्रों पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
📲 9163013246, 08077635317, 09411488209
✍️ निवेदक:
🕉️ महर्षि दयानन्दार्ष गुरुकुल महाविद्यालय, ब्रह्माश्रम, राजघाट (नरौरा), बुलन्दशहर
🌿✨ आइए, इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और वैदिक संस्कृति के पुनरुत्थान में अपनी आहुति दें! 🔥📖
🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे ☝🎵🎶










