ऋषि बोधोत्सव एवं 51 कुण्डीय महायज्ञ
श्री गुरु विरजानन्द आर्ष गुरुकुल वेद मंदिर
📅 दिनांक: 15 फरवरी 2026, रविवार
📍 स्थान: वेदमंदिर परिसर, मसानी चौराहा से (कच्ची सड़क), आचार्य प्रेमभिक्षु मार्ग, मथुरा
मंगल आमंत्रण
सज्जनो!
प्रायः सांसारिक बन्धनों में जकड़े गृहस्थ जीवन में व्यक्ति मनुष्य जीवन के वास्तविक उद्देश्य से विमुख हो जाता है। अज्ञानतावश अपने ही विपरीत कर्मों से दुःखों के द्वार खोल लेता है। इस बात को ध्यान में रखकर सर्वजन के हितचिन्तक ऋषियों ने सबके कल्याण की भावना से अनेक प्रकार के यत्न किये हैं। उन प्रयत्नों में ही धार्मिक आयोजनों की योजना रखी। इन धार्मिक आयोजनों के बहाने से व्यक्ति समय निकालकर यज्ञादि शुभ कर्म में प्रेरित हो जाता है। विद्वानों के उपदेश सुनकर अपना कल्याण करने में समर्थ हो जाता है। इसी भावना से प्रेरित होकर आपके अपने ही श्री गुरू विरजानन्द आर्ष गुरूकुल, बेद मन्दिर, मथुरा में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर्व ऋषि बोधोत्सव के रूप में मनाया जाता है। 51 कुण्डीय यज्ञ भी सर्वकल्याण की कामना से रखा जाता है। आप भी इस पावन अवसर पर सपरिवार यजमान के रूप में पधारें ऐसी हमारी कामना है। अति सुन्दर हो यदि आप भारतीय वेश-भूषा में आयें। यजमान बनने के इच्छुकजन अपने साथ घी, कटोरी, कपूर, वियासलाई, चम्मच, लोटा अवश्य लायें, जिससे यज्ञ करने में सुविधा हो। यदि न ला सकें तो यह व्यवस्था यहाँ पर भी रहेगी। 15 फरवरी 2026, रविवार को प्रातः 8 बजे आप यज्ञस्थल पर अवश्य आ जायें। यज्ञ के बाद भण्डारे की व्यवस्था है प्रसाद भी यहीं ग्रहण करें। पुनः नगर कीर्तन 2 बजे से शोभायात्रा के रूप में होगा। अतः इस पावन सुअवसर को हाथ से न जाने दें।
प्रेरणाप्रद वाक्य
कर यज्ञ यथावत दान करे,
फल सौगुण होय ऋषि बतलाते।
दुःख दूर करे दुखिया जन के,
उसके करता सुख-साधन पाते।
सद्यात्र विचार करे धनवान,
मिलें फल जो न कभी मिट पाते।
सब प्राणिन को भयहीन करे,
उसके फल की गणना न बताते।।
आयोजन की सफलता
उत्सव की सफलता का दायित्व आप सभी याज्ञिक जनों पर है। अतः अपने सांसारिक कार्यों को विराम देकर इस आयोजन में सहभागिता करें और पुण्य के भागी बनें।
निवेदक मंडल
(अध्यक्ष) – आचार्य स्वदेश
📞 9456811519
(मंत्री) – डॉ. प्रवीण अग्रवाल
📞 9359518799
(कोषाध्यक्ष) – दिनेश चन्द्र बंसल
📞 9412728407
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