15 मार्च 2025,नई दिल्ली–
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद व आर्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज श्रीनिवासपुरी में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। होली के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओजस्वी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रसिद्ध कवि प्रो. सारस्वत मोहन मनीषी ने वीर रस की कविताओं से समां बांध दिया। उनकी पंक्ति “जिस दिन दिल्ली ठीक हो गई, देश ठीक हो जाएगा” ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सभागार में जोश भर दिया।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है। इस दिन हमें पुराने गिले-शिकवे भुलाकर आपसी प्रेम को बढ़ावा देना चाहिए।”
कार्यक्रम के अध्यक्ष आर्य रविदेव गुप्ता ने अपनी रचना “होली है तो अपरिचित से परिचय कर लो…” प्रस्तुत की और समाज को जात-पात से ऊपर उठकर देश के लिए सोचने का संदेश दिया।
बहादुरगढ़ से आए हास्य-व्यंग्य कवि दिनेश विद्यार्थी ने अपनी रचनाओं से सभी को खूब हंसाया। वहीं, गुरचरण मेहता, प्रवीण आर्य पिंकी, प्रवीण आर्य गाजियाबाद, विजय चौधरी, राजेश मेहन्दीरता आदि कवियों ने अपने ओजस्वी गीतों से माहौल को सरस और ऊर्जावान बना दिया।

राष्ट्रीय मंत्री आचार्य महेंद्र भाई ने कहा कि “होली उत्सव यज्ञ का प्रतीक है। यह जड़ और चेतन सभी के लिए समर्पण और पवित्रता का संदेश देता है।” उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से होलिका दहन में शुद्ध सामग्री के प्रयोग का आह्वान किया।
इस अवसर पर पार्षद राजपाल सिंह ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं। आर्य समाज के प्रधान ओमप्रकाश वर्मा व मंत्री सुशील आर्य ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आर्य नेता जितेंद्र डावर, महेंद्र जेटली, नरेंद्र नारंग, सुरेंद्र गुप्ता, प्रकाशवीर शास्त्री, रविंद्र आर्य, अतुल सहगल, रामकुमार आर्य, स्वदेश शर्मा, देवेंद्र सैनी, नरेश आर्य आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
– प्रवीण आर्य










