ॐ ओ३म् भुर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्य, भर्गो देवस्य धीमहि-
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
ऋ. ३.६२.१०
तर्जः अल्ला तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम
सच्चिदानन्द करो कल्याण, सद्बुद्धि प्रेरक भगवान ॥
सकल जगत के पालन हारे, दुःख सागर से तारन हारे
दे सुख, ले चल आनन्द धाम ॥ सद्बुद्धि…
ईर्ष्या द्वेष से दूर तू कर दे, प्रेम अमोल हृदय में भर दे
हर ले काम क्रोध अभिमान ॥ सद्बुद्धि…
कर्म से पहले कर्ज है तेरा, धर्म धरूँ पर ध्यान हो तेरा
दिव्य मनोरथ का दे दान ॥ सद्बुद्धि..
प्रेरणा शक्ति आपकी अद्भुत, वाणी हृदय में फैले सर्वत
ओ३म् नाम से भर दो प्राण ॥ सद्बुद्धि…










