प्रेम भाव से मिलकर जग में रहें सभी इंसान
प्रेम भाव से मिलकर जग में,
रहें सभी इंसान,
इतनी दया करो, भगवान ।।
सबके सब हों सुखी जगत में,
हो सबका कल्याण इतनी
दया करो भगवान ।।
कहीं अंधेरा कहीं उजाला,
तेरा है हर काम निराला
सबको रच कर सबको पाला,
तू ही है सबका रखवाला।
तेरे जैसा हुआ न कोई,
जग में और महान ।। इतनीं….
सबका मालिक सबका स्वामी,
घट-घट वासी अंतर्यामी तू
अनन्त नामों का नामी,
सारा जग तेरा अनुगामी।
सृष्टिकर्ता धर्ता हर्ता,
है तेरी पहचान ।। इतनी….
जो भी तेरे दर पर आया,
मन बुद्धि और शीश झुकाया
करुणा का अमृत बरसाया,
मानव जीवन सफल बनाया।
हमें भी तेरे भक्ति भजन का,
मिले अमर वरदान ।। इतनी….
सब आशायें पूरी कर दो,
खाली सबकी झोलियां भर
दो हाथ दया का सर पर धर दो,
सबके सारे संकट हर दो।
अन्त समय तक पथिक,
तुम्हारा करें सभी गुणगान ।। इतनी…










