प्रयागराज से आर्य बनों का आमंत्रण :

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Prayagraj se aryabhaton ka aamantran 2025

आर्यत्व की ओर एक दिव्य आमंत्रण
“ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, दलित नहीं – आर्य बनो!”

महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा पुनर्जागृत आर्य समाज का उद्देश्य ही था – संपूर्ण मानव जाति को जातिभेद, अंधविश्वास और पाखंड से मुक्त करके एक ईश्वर की उपासना, वेदों की शिक्षाओं और सत्य के मार्ग की ओर अग्रसर करना। इस उद्देश्य को साकार करने हेतु एक विशेष वैदिक कार्यक्रम का आयोजन प्रयागराज में किया जा रहा है, जिसमें आप सादर आमंत्रित हैं।


कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

🔹 विषय:
“ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, दलित नहीं – योगीराज श्रीकृष्ण की प्रेरणा से ‘आर्य बनो'”
यह उद्घोष महर्षि दयानन्द सरस्वती के उसी क्रांतिकारी विचार को दोहराता है कि जन्म से नहीं, कर्म से मनुष्य महान बनता है। योगीराज श्रीकृष्ण ने भी अपने जीवन में जातिवाद का खण्डन करते हुए कर्मयोग का आदर्श प्रस्तुत किया।

🔹 संघर्ष और निर्माण के प्रतीक:
महर्षि दयानन्द सरस्वती – आर्य समाज के संस्थापक, जिन्होंने 19वीं सदी में पाखंड और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध वैचारिक क्रांति का उद्घोष किया। उनके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने तब थे।

🔹 कार्यक्रम विवरण:
📅 तिथि: 27 जुलाई 2025, रविवार
🕟 समय: सायंकाल 4:30 बजे से 7:30 बजे तक
📍 स्थान: नागवासुकि मंदिर, दारागंज, प्रयागराज


कार्यक्रम में क्या होगा?

🌸 हवन यज्ञ:
शुद्ध वैदिक मंत्रों के साथ सामूहिक यज्ञ – जिससे वातावरण ही नहीं, मन और आत्मा भी पवित्र होती है।

📖 प्रवचन एवं सत्संग:
वैदिक विचारधारा, आर्य समाज के आदर्शों और आज की सामाजिक चुनौतियों पर सारगर्भित चर्चा। यह अवसर होगा आर्यत्व के विचारों को गहराई से समझने का।

🪔 यज्ञब्रह्मा:
सुमित्रा आर्या जी – एक समर्पित वैदिक विदुषी, जिनके संचालन में यज्ञ सम्पन्न होगा। उनका अनुभव और समर्पण, कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगा।


सहयोगीगण:

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई समर्पित आर्यबंधु सहयोगी हैं:
📞 पुरुषोत्तम लाल केसरवानी – 9307663730
📞 राजेन्द्र कपूर (मुण्डेरा) – 7007796112
📞 संतोष कुमार शास्त्री – 9919020017


हमारा आह्वान:

“कृण्वन्तो विश्वमार्यम्”हम सारे संसार को आर्य बनाएं।
यह वैदिक ऋचा केवल मंत्र नहीं, बल्कि एक संकल्प है – संपूर्ण मानवता को ज्ञान, सत्य, और एकता की राह पर लाने का।

आज जब समाज फिर से जाति, वर्ग और धर्म के नाम पर विभाजित होता जा रहा है, ऐसे समय में यह कार्यक्रम एक प्रेरणा, एक क्रांति और एक वैचारिक ज्योति का कार्य करेगा।


🙏🏼 आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। आइए, आर्यत्व की इस पुनर्प्रवेश यात्रा में सहभागी बनें।
सत्य की ओर, वेद की ओर, आर्य समाज की ओर।

🌼 ओ३म् 🌼

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶