प्रभु की वाणी है वेदमाता

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प्रभु की वाणी है वेदमाता

प्रभु की वाणी है वेदमाता,
इसी पे अपना यकीन रखना ।।
सत्य सनातन धर्म वेद में,
नित्य सदा शुभ कर्म वेद में।
उपदेश करता है वो विधाता।।

यज्ञ-हवन संस्कार वेद में,
विद्या का भंडार वेद में।
सभी को मुक्ति की राह बताता।।
ओ३म् नाम वेदों ने है गाया,
रक्षक इसका अर्थ बताया ।
जन्म-मरण में जो कभी न आता।।

पढ़ना और पढ़ाना वेद का,
सुनना और सुनाना वेद का।
परम धरम है ऋषि बताता।।
ओ बेमोल प्रभु गुण गाले,
इस जीवन को सफल बनाले ।
रक्षा सभी की करे विधाता ।।