पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी की पुण्यतिथि पर आर्यवीर दल सोनीपत द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन:

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Pandit gurudutt Vidyarthi ji ki punyatithi per aayojit karykram Sonipat 2025

सोनीपत, हरियाणा – आर्यवीर दल, सोनीपत द्वारा त्रिकोणा पार्क, सेक्टर-23 में महर्षि दयानंद सरस्वती के परम शिष्य पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष यज्ञ एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित आयुष आर्य ने की, जबकि आचार्य सुरेश आर्य एवं जिला संचालक भगत सिंह सहित अन्य गणमान्य आर्यवीर इस अवसर पर उपस्थित रहे।

यज्ञ एवं वैदिक मंत्रों से हुई शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रों के उच्चारण एवं हवन यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ में उपस्थित आर्यवीरों एवं श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी के योगदान को याद किया। यज्ञ की अग्नि में वैदिक मंत्रों की गूंज ने वातावरण को पवित्र बना दिया।

पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी: वैदिक धर्म के महान प्रचारक

इस अवसर पर आचार्य सुरेश आर्य ने पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे महर्षि दयानंद सरस्वती के प्रमुख शिष्यों में से एक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया। उनकी विद्वत्ता और गहन अध्ययन ने उन्हें अपने समय के सबसे प्रभावशाली वैदिक विचारकों में शामिल किया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की, जो आज भी वेदों और आर्य समाज के सिद्धांतों को समझने में सहायक हैं।

डीएवी कॉलेज की स्थापना में भूमिका

कार्यक्रम में जिला संचालक भगत सिंह ने बताया कि पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी की विद्वता और समर्पण ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित किया। वे डीएवी कॉलेज की स्थापना में एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे और उन्होंने शिक्षा को वैदिक मूल्यों के साथ जोड़ने का प्रयास किया। उनकी सोच और कार्यों का प्रभाव आज भी डीएवी संस्थानों में देखा जा सकता है।

आर्यवीरों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

इस अवसर पर कनिष्क आर्य, प्रिंस आर्य सहित कई आर्यवीरों ने पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी ने उनके कार्यों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ विश्व कल्याण और समाज के उत्थान की प्रार्थना की।

निष्कर्ष

पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी का जीवन प्रेरणादायक था। उनकी विद्वत्ता, वैदिक शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज सुधार के प्रयासों को आज भी याद किया जाता है। आर्यवीर दल सोनीपत द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम उनकी स्मृति को जीवंत रखने का एक प्रयास था। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को आर्य समाज के मूल सिद्धांतों और महापुरुषों के योगदान से अवगत कराने में मदद मिलती है।

आर्य समाज और आर्यवीर दल के ऐसे आयोजन समाज में वैदिक संस्कृति एवं संस्कारों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।