ओ३म् नाम जपले बन्दे जीवन सँवार ले

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ओ३म् नाम जपले बन्दे जीवन सँवार ले

तर्ज : छुप गया कोई रे दूर से पुकार के

ओ३म् नाम जपले बन्दे जीवन सँवार ले
त्याग और संयम से अपना जीवन गुज़ार दे ॥
काम क्रोध लोभ गया मिला मन को चैन रे
मन से वैर द्वेष गया काटी सुख से रैन रे
दूर विषयों से रहके जीवन सुधार ले ॥ त्याग और…

पाया नया चोला प्रभु से, पुराना उतार के
करना तू निर्मल मन को शुद्ध व्यवहार से

धर्म-कर्म करना सत्य असत्य को विचार के ॥ त्याग और…

कर्म क्षेत्र ये जग सारा, कर्म निष्काम कर
दया त्याग सत्य अहिंसा का उपदान कर
प्रभु प्रेम पाके जीव-मात्र को तू प्यार दे ॥ त्याग और…

ज्ञानी सन्त विद्वानों का सदा संग कर ले
यज्ञमय जीवन को तू अमृत से भर ले
प्रभु ध्यान करते करते, खुद को विसार दे ॥ त्याग और…

(उपदान) ,भेंट, नजराना