ओम् बोल मेरी रसना

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ओम् बोल मेरी रसना

ओम् बोल मेरी रसना
ओम्
बोल मेरी रसना घड़ी घड़ी ।।२ ।। टेक ।।
ओम् बोल…….

सकल काम तज, ओम् नाम भज ।
मुख मण्डल में पड़ी-पड़ी ।।१।।
ओम् बोल…….

ओम् नाम सर्वोपरि प्रभु का,
कहे वेद की कड़ी-कड़ी ।।२।।
ओम् बोल…….

तन मन से कर,
ध्यान ओम् का,
लगा प्रेम की झड़ी-झड़ी ।।३।।
ओम् बोल……

पूर्ण ब्रह्म करेगा पूरण,
सब आशायें बड़ी-बडी ।।४।।
ओम् बोल…….

पल-पल हमें ले जाना चाहती,
मौत सिरहाने खड़ी-खड़ी ।।५।।
ओम् बोल……

मोह ममता तज, ‘व्यास’ लगा ले,
ओम् भजन की लड़ी-लड़ी ।।६।।
ओम् बोल…….