महात्मा नारायण स्वामी ध्यान केन्द्र
जप एवं ध्यान शिविर – विस्तृत कार्यक्रम
सीखें और अनुभव करें
- वैदिक ध्यान विधि और उसकी सार्थकता
- वैदिक जप विधि और उसके लाभ
- श्वास-प्रश्वास और उच्चारण का एकीकरण
- व्याप्य-व्यापक संबध का अभ्यास / प्रभाव
- संकल्प उर्जा का अनुभव
- प्राण साधना का अभ्यास एंव उसकी शक्ति
- निराकार भक्ति का अनुभव
- वैदिक भजनों द्वारा ईश्वरीय आनन्द
शिविर में भाग लेने हेतु – रजिस्ट्रेशन फीस 100/- देकर स्थान सुरक्षित करे
Paytm 9873029000
प्रथम दिवस – 14 अप्रैल 2026 (शुभारंभ)
🕔 सांय सत्र (5:00 – 6:30 बजे) तक
- पंजीकरण एवं पहचान-पत्र वितरण
- ईश्वर अनुभूति हेतु प्रेरणादायक भजन एवं उसका प्रभाव
- उपासना में संकल्प लेने की विधि एवं अभ्यास
- संकल्पों का अंतःकरण पर प्रभाव
- सूक्ष्म योगिक क्रियाएँ – विधि एवं अभ्यास

द्वितीय दिवस – 15 अप्रैल 2026
🕕 प्रातः सत्र (5:30 – 6:30 बजे) तक
- श्वास-प्रश्वास के साथ मंत्र समन्वय एवं उसका मन पर प्रभाव
- मन को संयमित रखने की विधि
- ईश्वर के साथ व्याप्य-व्यापक संबंध को दृढ़ करने का अभ्यास
- ओ३म् जप की विभिन्न विधियों का अभ्यास
🕠 सांय सत्र (5:30 – 6:30 बजे) तक
- श्वसन क्रियाएँ एवं प्राणायाम की तैयारी
- हठयोग की श्वसन क्रियाएँ (उपासना सहित)
- योगदर्शन के चार प्रकार के प्राणायाम (उपासना सहित)
- खड़े होकर किए जाने वाले आसनों के साथ उपासना
तृतीय दिवस – 16 अप्रैल 2026
🕕 प्रातः सत्र (5:30 – 6:30 बजे) तक
- गायत्री मंत्र का आध्यात्मिक महत्व
- गायत्री मंत्र जप की विधियाँ एवं अभ्यास
🕠 सांय सत्र (5:30 – 6:30 बजे) तक
- सरल वैदिक मंत्रों द्वारा ध्यान
- बैठकर किए जाने वाले आसनों के साथ उपासना
चतुर्थ दिवस – 17 अप्रैल 2026
🕕 प्रातः सत्र (5:30 – 6:30 बजे) तक
- वैदिक संध्या का महत्व
- प्राण साधना के साथ वैदिक संध्या एवं ध्यान अभ्यास
- भक्तिपूर्ण वैदिक भजन एवं ईश्वर भक्ति का अंतःकरण पर प्रभाव
पंचम दिवस – 18 अप्रैल 2026
🕕 प्रातः सत्र (5:30 – 6:30 बजे) तक
- वैदिक संध्या मंत्रों के भावार्थ द्वारा ध्यान
- परम ध्यान विधि का अभ्यास

साधना समापन सत्र एंव विदाई समारोह
- 1) ध्यान प्रशिक्षण शिविर में सीखी गई जप और ध्यान विधियों का निःस्वार्थ भाव से प्रचार-प्रसार करने हेतु संकल्प
- 2) ईश्वर धन्यवाद
- 3) प्रतिभागियों को वैदिक साधना प्रमाण पत्र का वितरण एवं आध्यात्मिक शिविर में रूचि लेने के लिये उनका धन्यबाद।
विशेष आग्रह
- 1) कृपया सत्र प्रारंम्भ होने से 10 मिनट पहले अपना आसन ग्रहण कर लें।
- 2) ध्यान केन्द्र में ध्यान साधना के अनुकूल वस्त्रों में ही पधारें।
- 3) ध्यान केन्द्र में अपने मोबाईल फोन को साईलेंट मोड पर रखें।
- 3) शिविर काल में हल्का और सात्विक भोजन सीमित मात्रा में लेना उचित हैं।
- 4) ध्यान कक्ष की गरिमा को बनाएं रखें। ध्यान कक्ष में आपस में किसी भी प्रकार की बात चीत न करें।
- 5) प्रतिदिन प्रशिक्षण कक्षा समाप्त होने के बाद ही “शंका समाधान” में आपके किसी प्रश्न / शंका (यदि कोई है) उस पर चर्चा की जाएगी।
मदन अनेजा (योग शिक्षक)
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