महात्मा नारायण स्वामी ध्यान केन्द्र
आर्य वानप्रस्थ आश्रम, ज्वालापुर, हरिद्वार
निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण शिविर
शिविर की प्रमुख विशेषताएँ
- ओ३म् / गायत्री मंत्र जप की विविध विधियाँ
- ध्यान की विभिन्न प्रभावी विधियाँ
- जप एवं ध्यान में प्राण-साधना का समुचित उपयोग
- मन पर संयम एवं नियंत्रण रखने की प्रभावशाली विधियाँ
विशेष उल्लेख
दिनांक 30.10.2025 को अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन, दिल्ली में योग शिक्षक श्री मदन अनेजा जी द्वारा लिखित “ईश्वर उपासना व ध्यान” सहित अन्य पुस्तकों का वितरण 40 देशों से आए 350 भारतीय मूल आर्यजनों को किया गया।
ध्यान एवं आसनाभ्यास प्रशिक्षण
प्रारम्भ तिथि: 13 जनवरी 2026
समापन तिथि: 21 जनवरी 2026
सत्र समय
प्रथम सत्र:
प्रातः 7:00 बजे से 8:00 बजे तक
द्वितीय सत्र:
सायं 5:15 बजे से 6:30 बजे तक
नोट: एक साधक / साधिका केवल एक ही सत्र में भाग ले सकता/सकती है।
पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) विवरण
- शिविर में भाग लेने हेतु ₹500 अग्रिम रजिस्ट्रेशन शुल्क अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 10 जनवरी 2026 शुल्क जमा करने का समय: प्रातः 10:00 बजे से 1:00 बजे तक
विशेष सूचना:
आर्य वानप्रस्थ आश्रमवासी साधकों का रजिस्ट्रेशन शुल्क शिविर सत्र में पूर्ण उपस्थिति रहने पर वापस कर दिया जाएगा।

आवास व्यवस्था
आश्रम में आवास सुविधा उपलब्ध है (भोजन हेतु अतिरिक्त शुल्क देय)
किराया (प्रतिदिन):
- ₹500 — साधारण
- ₹1000 — विशेष
संपर्क सूत्र
श्री राम किशन आर्य
प्रधान — 📞 9810935949
योग शिक्षक: श्री मदन अनेजा
📞 9873029000
ध्यान प्रशिक्षण शिविर –
- रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि के बाद रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जायेगा ।
- ध्यान प्रशिक्षण कक्षा प्रारम्भ होने के बाद किसी भी साधक को कक्षा में देर से प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी । अतः प्रत्येक साधक को कक्षा प्रारंभ होने से 5-10 मिनट पहले पहुंचना होगा ।
- कक्षा के मध्य (1 घंटे तक) आपस में बात करना अथवा कोई प्रश्न करना अथवा अभ्यास को लेकर कोई बात पूंछना वर्जित है
- साधक / साधिका अपनी शंका / व्यक्तिगत अनुभव / कठिनाई आदि की शंका समाधान के समय चर्चा कर सकते हैं ।
- कक्षा के बाद प्रति दिन शंका समाधान का समय : 15 मिनट
- कक्षा के मध्य किसी भी साधक को कक्षा में आने अथवा कक्षा से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। किसी विशेष परिस्थिति में साधक या साधिका कक्षा से बाहर जा सकता है।
- प्रातः काल वाले साधक सायं काल के समय और सायं काल के साधक प्रातः काल के समय ध्यान का व्यक्तिगत अभ्यास अपने निवास स्थान पर ही करेंगे ।
- उपरोक्त के साथ साथ, निर्देश के अनुसार, पुस्तक ईश्वर उपासना व ध्यान का स्वाध्याय भी साधक दिन में अपने निवास स्थान पर करेंगे । प्रत्येक साधक को पुस्तक स्वाध्याय के लिए दे दी जाएगी ।
- सभी साधकों को ध्यान प्रशिक्षण शिविर की प्रथम कक्षा में (प्रथम दिन) निर्धारित समय से 30 मिनट पहले भी “साधक-परिचय” हेतु आना होगा ।
- कक्षा में मोबाइल या केमरा अपने साथ रखने की अनुमति नहीं होगी।
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