नाता प्रभु से बन्दे जोड़ ले, मन को विषयों से तू मोड़ ले
तर्ज: चल दिया दिल मेरा तोड़के
नाता प्रभु से बन्दे जोड़ ले, मन को विषयों से तू मोड़ ले
याद रखना प्रभु को सदा,
दुख मिटाएगा दाता तेरा ॥ नाता प्रभु से…
कर ना देना किसी का बुरा, दीन दुःखियों की लेना दुआ
तेरे कर्मों का होगा हिसाब, देना होगा प्रभु को जवाब
करते रहना तू सबका भला (2)
याद रखना प्रभु को सदा,
दुःख मिटाएगा दाता तेरा ॥ नाता प्रभु से…
जब भी भक्तों पे विपदा पड़े, भक्तवत्सल ही पीर रहे
दयावान है ईश्वर बड़ा, उसको सबके गुमो का पता
तू ना समझा प्रभु की कृपा (2)
याद रखना प्रभु को सदा
दुःख मिटाएगा दाता तेरा ॥ नाता प्रभु से…
कर प्रभु की सदा बन्दगी, संवर जाए तेरी जिन्दगी
क्यों न होंगे प्रभु मेहरबीं, सत्कर्मों पे गर तू चला
अपना प्यार प्रभु पर लूटा (2)
याद रखना प्रभु को सदा
दुख मिटाएगा दाता तेरा ॥ नाता प्रभु से…
(पी दुख, काटे बिदी ईश्वर की आराधना,ईश्वर की भक्तिपूर्वक बन्दना, महरी)कृपासु
(विषय) लौकिक पदार्थ, वासनात










