मेरी हर साँस में प्रभु तुझको बसा रखा है

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मेरी हर साँस में प्रभु तुझको बसा रखा है

तर्ज : तेरी आँखों के सिवा दुनियाँ में

मेरी हर साँस में प्रभु तुझको बसा रखा है
प्रभु तेरी प्रीत पले दीप आशा के जले
पुष्प जीवन का खिले तेरी चरणरज के तले ॥ पुष्प जीवन…

गीतों के फूलों से द्वार प्रभु का सजाने लगा
प्रभु प्रीतम के दरस में आँखें बिछाने लगा
नैन खुशियों के तले आँसू टपकाए भले ॥ पुष्प जीवन…

रह रह के शुभकर्म मन में दया धर्म आने लगा
मन का अँधेरा दूर मेरे मन से जाने लगा
ज्ञान के दीप जले प्रेम के भाव खिले ॥ पुष्प जीवन…

जब से प्रभु का प्यार मेरे मन को भाने लगा
प्यार उमड़ते ही गीत प्रभु के मैं गाने लगा
गाऊँ जब सुबह चले गाऊँ जब शाम ढले ॥ पुष्प जीवन…

न कोई गुम है जब तक प्रभु का सहारा मुझे
संग प्रभु का तो जानें मिलेगा किनारा मुझे
ज्योत तेरी मन में जले चाहूँ मिलना में गले ॥ पुष्प जीवन…