मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
तेरे रास्ते से, हटाती है दुनिया,
इशारों से मुझको, बुलाती है दुनिया,
न देखूँ मैं दुनिया का झूठा इशारा
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
तेरे नाम का गीत, गाता रहूँ मैं
सुबह-शाम तुझको, मनाता रहूँ मैं
तू ही मेरी नैया, तू ही है किनारा
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
सिवा तेरे दिल में – समाये न कोई
तेरे रास्ते से हटाये न कोई
तेरा नाम है मुझ को, प्राणों से प्यारा
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
स्वार्थ की दुनिया में – कोई न मेरा
सिवा तेरे भगवन् – सहारा न मेरा
लगन का ये दीपक, बुझाये न कोई
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
बड़ापन दे दे कोई – और न दूजा
तुम्हीं देव मेरे – करूँ किसकी पूजा
लगा लो शरण में प्रभु जी ! मैं हूँ तुम्हारा
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा
मेरे देवता !! मुझको, देना सहारा,
कहीं छूट जाए ना, दामन तुम्हारा










