माता-पिता, भाई-बन्धु, सखा वह हमारा है।

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माता-पिता, भाई-बन्धु, सखा वह हमारा है।

माता-पिता, भाई-बन्धु,
सखा वह हमारा है।
ओम् नाम प्यारा है जी
ओम् नाम प्यारा है ।
निराकार है वह
जरें-जरें में समाया है।
महिमा है अपार अन्त
किसी ने ना पाया है।
पत्ता-पत्ता, डाली डाली
करे यह इशारा है ।
ओम् नाम प्यारा है……१

पृथिवी, पहाड़, नदी,
नाले क्या बनाए हैं।
रंगदार फूल बिना
हाथों के खिलाए हैं।
लेता है प्रकाश उससे
सूर्य-चन्द्र-तारा है ॥
ओम् नाम प्यारा है………..२

ऋषि, मुनि, योगी
सारे उसे ही ध्याते हैं।
गीत प्रभुभक्ति के
झूम-झूम गाते हैं।
तोता, मैना, कोयल ने
भी उसी को पुकारा है।
वेदानुसार जीवन
अपना जो बनाते हैं।
आत्मा को शुद्ध कर
मुक्ति को पाते हैं।
‘नन्दलाल’ उसी की
जय-जय करे जग सारा है ।
ओम् नाम प्यारा है………..३