महर्षि दयानन्द सरस्वती स्मृति भवन न्यास, जोधपुर
आमन्त्रण
(आश्विन कृष्ण ११ से आश्विन कृष्ण १४ वि.सं.२०८१) 28 सितम्बर से 01 अक्टूबर 2024
१४१ वाँ ऋषि स्मृति सम्मेलन
युग प्रवर्तक महर्षि दयानन्द ने भारत की बिगड़ी दशा सुधारने के लिए प्रचारार्थ देश देशान्तर की यात्रा की। जोधपुर के नरेश और राज पुरुयों ने महर्षि की प्रशंसा सुनकर उन्हें जोधपुर आमंत्रित किया। सत्य को श्रद्धा से मानने और असत्य पर निर्ममता से प्रहार करने वाले महर्षि दयानन्द के प्रचार से घबराए सत्ताधारी व साम्प्रदायिक विलासी और स्वाचीं लोगों ने २९ सितम्बर १८८३ को उन्हें रसोईचे के द्वारा विप दिलवा दिया। रसोईथे से सत्य जानकर महर्षि ने रसोईये को अपने पास सेक धनराशि देकर नेपाल भगाया। पूर्व में भी विषदाताओं को क्षमा करने वाले महर्षि दयानन्द ने इस बार भी अनुपम क्षमा का उदाहरण प्रस्तुत किया था जो सच्चे ऋषित्व और संन्यासी को गरिमा है। इस अनुपम क्षमादान की स्मृति से प्रेरणा पा महर्षि के अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प करने हेतु प्रतिवर्ष आयोजित इस सम्मेलन में अवश्य सहभागी होवें।
यज्ञ ब्रम्हा : आचार्य वरुण देव
आमत्रित वक्ता : आचार्य आर्यनरेश, हि.प्र. आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी
भजनोपदेशक : श्री राजेशजी जालन्धर
सान्निध्य
स्वामी ओमानन्दजी सरस्वती, आबूपर्वत श्री ओममुनिजी, प्रधान श्रीमती परोपकारिणी सभा, अजमेर श्री जीववर्धनजी शास्त्री मन्त्री, आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान
गणमान उपस्थिति
श्री सुरेशचन्द्र आर्य प्रधान सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली श्री सज्जनसिंह कोठारी न्यायमूर्ति (से.नि.) पूर्व लोकायुक्त

कार्यक्रम प्रतिदिवस
यज्ञ (अथर्ववेद अंश पारायण)
प्रातःकाल 07.15 से 9.15 बजे तक
भजन, प्रवचन (विषय-ईश्वर)
मध्याहन 10.15 से 12.30 बजे तक
यज्ञ (अथर्ववेद अंश पारायण)
सायंकाल 05.00 से 06,30 बजे तक
भजन, प्रवचन (विषय-समाज)
रात्रि 7,30 से 10,00 बजे तक
विशेष
29.9.2024 रविवार प्रातः 7.15 से 9.15 बजे तक









