स्त्री हि ब्रह्मा बभूविथ” – ऋग्वेद (8.33.19)
“नारी, तुम ही ब्रह्मा हो” | “नारी, तुम ही सृजनहार हो”
मातृशक्ति वंदन – एक सम्मान
परमपावन वैदिक निमंत्रण
नारी शक्ति – जो सृष्टि की जननी है, संस्कृति की संरक्षिका है और समाज की आत्मा है।
ऋग्वेद में घोषित यह वैदिक मंत्र नारी के उसी दिव्य स्वरूप की पुष्टि करता है –
“स्त्री ही ब्रह्मा है”।
इसी भाव को केंद्र में रखते हुए,
आर्य समाज मंदिर, प्रागपुर
की यज्ञशाला में एक विशेष सम्मान समारोह
“मातृशक्ति वंदन – एक सम्मान”
का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम विवरण
तिथि: रविवार, 03 अगस्त 2025
समय: प्रातः 4:00 बजे
स्थान: यज्ञशाला, आर्य समाज मंदिर, प्रागपुर
इस पुण्य अवसर पर हम समस्त मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए उन्हें सम्मानित करेंगे,
जिन्होंने समाज को अपने कर्म, सेवा और संस्कार से दिशा दी है।
आप सपरिवार पधारकर इस वैदिक और सांस्कृतिक आयोजन की शोभा बढ़ाएं।
आपकी उपस्थिति हमारे लिए गौरव का विषय होगी।
विनीत
आर्य समाज मंदिर, प्रागपुर परिवार
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