मातंगिनी हाजरा का जन्म 19 अक्टूबर 1870 को तत्कालीन पूर्वी बंगाल के मिदनापुर जिले के होगला गांव में हुआ था। 1932 में देशभर में स्वाधीनता आंदोलन चला और जुलूस उनके घर के सामने से गुजरा तो वे भी जुलूस के साथ चल पड़ीं। 17 जनवरी 1933 को कर बंदी आंदोलन का नेतृत्व किया,गवर्नर एंडरसन को काले झंडे दिखाए तो गिरफ्तार कर ली गई।
भारत छोड़ो आंदोलन की रैली के लिए घर-घर जाकर 5000 लोगों को तैयार किया।अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए 17 जनवरी 1933 को ही उनका बलिदान हो गया था। इसी दिन 17 जनवरी 1872 को 59 कूका आंदोलन के वीरों का बलिदान भी हुआ था।
























