लड़ने वाले हजारों को बेहाल कर गया

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लड़ने वाले हजारों को बेहाल कर गया

लड़ने वाले हजारों को
बेहाल कर गया,
बो ऋषि था अकेला जो
कमाल कर गया ।।

चाहता था लाना समय वो
पुराना कि स्वर्ग बनाना जमाना,
पर अविद्या ने सबको आन घेरा था,
सब दिशाओं में छाया घोर अंधेरा था।
बन गया शमां उजाला बेमिसाल
कर गया।। वो ऋषि ……

कहीं पे ईसाई कहीं मिरजाई,
कुछ अपने ही भाई कसाई,
सब दुकानें सजाए यहां बैठे थे,
लूट भारी मचाए यहां बैठे थे।
पाखंडियों की दुकानों पर हड़ताल
कर गया।। वो ऋषि…….

ऋषि अलबेला कि हर दुःख झेला,
विरोधियों से खेला अकेला,
जिसने बाइबिल की सारी पोल खोली थी,
और कुरान की कैसी बीन बोली थी।।
पथिक गपोड़े पुराणों की पड़ताल
कर गया।। वो ऋषि……