योग साधना एवं आत्मविकास की ओर एक कदम
स्थान: आर्ष गुरुकुल, नर्मदापुरम् (होशंगाबाद), मध्यप्रदेश
दिनांक: 12 मार्च 2025 से 16 मार्च 2025 (बुधवार से रविवार)
आयोजक: दर्शनयोग धाम, गुजरात
योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दर्शनयोग धाम के तत्वावधान में क्रियात्मक योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर मध्यप्रदेश के पवित्र और प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त आर्ष गुरुकुल, नर्मदापुरम् (होशंगाबाद) में आयोजित किया जाएगा। शिविर का संचालन पूज्य स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें अन्य ख्यातिप्राप्त योगाचार्यगण मार्गदर्शन करेंगे।
शिविर की विशेषताएँ
इस शिविर में भाग लेने वाले साधकों को न केवल योगासन और प्राणायाम की शिक्षा दी जाएगी, बल्कि वेदांत और योग दर्शन के गूढ़ विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन मिलेगा। शिविर में निम्नलिखित विषयों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा—
- योग साधना: आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि
- आध्यात्मिक अनुशासन: यम-नियम, जप-विधि, ईश्वर समर्पण
- मानसिक उन्नति: विवेक, वैराग्य, अभ्यास
- सांसारिक बंधनों से मुक्ति: ममत्व का त्याग, आत्मशुद्धि
- पूर्ण मौन व्रत: दिनचर्या में विशेष कक्षाओं को छोड़कर मौन रहना अनिवार्य
शिविर का वातावरण पूरी तरह प्राकृतिक होगा, जिससे साधकों को आत्मसाक्षात्कार और ध्यान में गहराई तक जाने का अवसर मिलेगा।
योगाचार्य एवं प्रशिक्षक
इस शिविर में प्रशिक्षण देने के लिए अनुभवी योगाचार्य और आध्यात्मिक मार्गदर्शक उपस्थित रहेंगे, जिनमें प्रमुख हैं—
- पूज्य स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक
- स्वामी ऋतस्पति जी
- आचार्य योगेश जी
- आचार्य दिनेश जी
- आचार्य प्रियेश जी
- आचार्य धुरन्धर आर्य
इन विद्वान योगाचार्यों की संगति में साधकों को आध्यात्मिक उन्नति का उत्तम मार्गदर्शन मिलेगा।

शिविर में भाग लेने की आवश्यकताएँ
शिविर में भाग लेने के लिए कुछ आवश्यक नियम और शर्तें निर्धारित की गई हैं—
- स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली: केवल वे ही व्यक्ति शिविर में भाग ले सकते हैं जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हों और धूम्रपान व अन्य व्यसनों से मुक्त हों।
- शिक्षा एवं अनुशासन: न्यूनतम दसवीं कक्षा (10th) तक शिक्षित होना आवश्यक है।
- आयु सीमा: 16 से 65 वर्ष तक के व्यक्ति प्राथमिकता प्राप्त करेंगे।
- सीमित प्रवेश: आवासीय व्यवस्थाओं की सीमित उपलब्धता के कारण केवल सीमित संख्या में शिविरार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
- पंजीकरण आवश्यक: इच्छुक व्यक्तियों को 1 मार्च 2025 से पूर्व ऑनलाइन या लिखित आवेदन करना अनिवार्य है।
- मोबाइल प्रतिबंध: शिविर के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग निषिद्ध रहेगा। यदि आवश्यक हो, तो कार्यालय से संपर्क किया जा सकेगा।
शिविर का कार्यक्रम एवं दिनचर्या
दिनचर्या: प्रातः 4:00 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक
- प्रातः ध्यान एवं योग
- वेदांत एवं योग दर्शन का अध्ययन
- सत्संग एवं स्वाध्याय
- संध्या साधना
- पूर्ण मौन व्रत (विशेष कक्षाओं को छोड़कर)
इस कठोर लेकिन लाभकारी दिनचर्या का पालन करके साधक अपने मन, शरीर और आत्मा को उच्च आध्यात्मिक स्तर तक ले जा सकते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया एवं संपर्क विवरण
पंजीकरण शुल्क: अनिवार्य स्वैच्छिक दान
ऑनलाइन आवेदन लिंक:
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संपर्क विवरण:
📌 दर्शनयोग धाम
संस्कृति वन, केनाल रोड, लाकरोड़ा, ता. माणसा, जिला गांधीनगर 232835 (गुजरात)
📞 मोबाइल: +91 9409615011, 8200915011
✉️ Email: darshanyog@gmail.com
📌 शिविर स्थल:
आर्ष गुरुकुल महाविद्यालय, खार्राघाट, नर्मदापुरम् (म.प्र.) 461001
📞 मोबाइल: 9907056726, 9179006116, 9424471288
उपसंहार
यह शिविर न केवल योगाभ्यास का अवसर प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति को आत्मज्ञान और आत्मविकास की दिशा में अग्रसर करता है। यदि आप भी इस अद्भुत योग प्रशिक्षण शिविर में भाग लेना चाहते हैं, तो शीघ्र ही पंजीकरण करें और आध्यात्मिक उन्नति की इस यात्रा में सहभागी बनें।
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