कवि लेखक यह जान लें
कवि लेखक यह जान लें,किस ऋतु में क्या माह।
लिखने की मन में लगी,यदि हो साँची चाह।।
चैत्र और वैशाख में, होते हैं ऋतुराज।
ज्येष्ठ और आषाढ़ में, हो निदाघ का साज।।
सावन भादों मेघ की, बरसें नभ से बूँद।
वर्षा ऋतु कहते जिसे, समझ नयन को मूँद।।
आश्विन कार्तिक मास में,शरद सुहानी देख।
धीरे-धीरे शून्य से , झरे ओस की रेख।।
अगहन शीतल पौष की, ऋतु हेमंत सुजान।
कवि जी यह भी जानिए,भूल सभी अज्ञान।।
जोड़ी फागुन माघ की, शिशिर शीत का कोप।
तन -मन को शीतल करे,पाँव धरा पर रोप।।










