भक्ति
जिसने संसार है यह रचाया हुआ,
हमने उस ईश से दिल लगाया हुआ।
सर्वव्यापक निराकार परमेश्वर वो,
इस निखिल विश्व में है समाया हुआ।
जिसने संसार है यह……..
रात दिन ध्यान उस ईश्वर का करो,
जिसने यह खेल अद्भुत रचाया हुआ।
पाप कर्मों में मन अब न उलझेगा यह,
पतित पावन का मन्दिर बनाया हुआ।
जिसने संसार है यह………
सच्चिदानन्द की अर्चना मिल कर करो,
गान वेदों ने उसका ही गाया हुआ।
सम्पदा सब उसे मिल गई समझ लो,
जिसने उसको हृदय में बसाया हुआ।
जिसने संसार है यह…….
मिल गई शांति उसे उस समय,
आ गया ईश चरणों में मन यह सताया हुआ।
जिसने संसार है यह रचाया हुआ,
हमने उस ईश से दिल लगाया हुआ।










