जिस दिन के लिए मेरे देश की माँये
जिस दिन के लिए मेरे देश की माँये,
गोद में लाल खिलायें।
समय वो आ गया है……।
प्यारे देशवासियो ऽऽऽ कहती है,
देखो माँ पुकार के।
ले भी न जाये कोई ऽ सर से,
दुपट्टे को उतार के।
पुत्र भी अपना फर्ज निभाये,
माँ की लाज बचाये समय वो ।।१।।
कृषको, व्यापारियो तुम भी,
खजाने अपने खोल दो।
गेहूँ, धान, सोना चाँदी ऽ देश की,
मिट्टी के भाव तोल दो।
सारे मिलकर एक हो जायें शक्ति,
आज दिखाये समय वो ।। २ ।।
कवियो, लिखारियो कलमो से
फेंको आज आग तुम।
सैनिकों में साहस भर दोऽ इनको,
बनादो काले नाग तुम।
जो भी इनके सामने आये,
पानी माँग न पाये समय वो ।। ३।।
प्यारे सैनिको ऽऽऽ उठालो,
बन्दूकें आज चूम के।
वैरी का सफाया कर दो,
रण में दिखा दो जरा झूम के।
पथिक तुम्हारी सभी दिशायें,
जय-जय कार मनायें समय वो ।। ४ ।।










